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Naila Durga Maa 2019 | Janjgir Naila Durga Maa 2019

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Naila Janjgir Durga Maa 2019: श्री श्री दुर्गा पूजा उत्सव समिति :-

1. Hi Friends, जैसा की आप जानते है, नैला रेलवे स्टेशन के पास हर साल दुर्गा माँ की भव्य प्रतिमा को विराजित किया जाता है, इस बार 29.09.2019 से नवरात्री आरंभ हो गया है, इस दिन से भव्य दुर्गा माँ की प्रतिमा नैला स्टेशन के पास विराजित किये जाने की तैयारी जोरो पर है 

2. इस साल दुर्गा माँ को और अधिक सुन्दरता के साथ सजाया जा रहा है, विशाल महल में 120 फीट चौड़ा 100 फीट ऊँचा भव्य प्रवेश द्वार बनाया गया है,

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3. श्री श्री दुर्गा पूजा उत्सव समिति द्वारा दुर्गा पंडाल को बहोंत आकर्षक और सुन्दर बनाया गया है | हर साल की तरह इस बार भी करी गर दुर्गा पंडाल को और दुर्गा माँ को सजाने में जोर शोर से लगे है,

4. दुर्गा माँ को 100 फिट ऊँचा रथ पे सवार होते हुए दिखया गया है, सजावट के कार्य के लिए विशेष प्रकार की तैयारी की गयी है, जो टीम सजावट का कार्य कर रही है इस तरह की सजावट करने में निपूर्ण है ।

5. देवी देवताओ की आकर्षक झाकी देखने को मिलेगी, शिव जी रथ के सारथी के रूप में दिखाई देंगे, कलाकार मूर्ति को हीरे मोती सोने चांदी जैसे आभूषण से सजायेगे| 

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6. नैला में दुर्गा माँ को सजाने के साथ साथ लाइटिंग को भी काफी आकर्षक बनाया जाता है, यहाँ की लाइटिंग में दुर्गा माँ कई रंगों में दिखाई पड़ती है और उनके आभूषण बहोंत चमकीले दिखाई पड़ते है

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GOURI MAA KI ARTI  ( DURGA ARTI )

JAI AMBE GOURI ARTI

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत

हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी

तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत

हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

माँग सिन्दूर विराजत, टीको जगमग तो

उज्जवल से दो‌ नैना, चन्द्रवदन नीको

ॐ जय अम्बे गौरी

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै

रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै

ॐ जय अम्बे गौरी

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी

सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी

ॐ जय अम्बे गौरी

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती

कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति

ॐ जय अम्बे गौरी

शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती

धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती

ॐ जय अम्बे गौरी

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे

मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे

ॐ जय अम्बे गौरी

ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी

आगम-निगम बखानी, तुम शिव पटरानी

ॐ जय अम्बे गौरी

चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरव

बाजत ताल मृदंगा, और बाजत डमरु

ॐ जय अम्बे गौरी

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता

भक्‍तन की दु:ख हरता, सुख सम्पत्ति करता

ॐ जय अम्बे गौरी

भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी

मनवान्छित फल पावत, सेवत नर-नारी

ॐ जय अम्बे गौरी

कन्चन थाल विराजत, अगर कपूर बाती

श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति

ॐ जय अम्बे गौरी

श्री अम्बेजी की आरती, जो को‌ई नर गावै

कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै

ॐ जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी

तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत

हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

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